जानें, आपके कुंडली में शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा?

नमस्कार दोस्तों। आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा? और इनसे जुड़ी सारी जानकारी आप लोगो तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। तो कृपया इस आर्टिकल को लास्ट तक पढ़े। आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे शनि अच्छा होने का 10 लक्षण, शनि खराब होने के 10 लक्षण, शनि कब शुभ होता है? शनि कब अशुभ होता है, शनि किस भाव में अच्छा होता है और शनि को कैसे खुश रखते हैं ? यह सारी जानकारी आज के इस आर्टिकल में हम आपको देने का प्रयास करेंगे।

कुंडली में शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा?

हमारे भारत देश में देवताओं को काफी मान्यता दिया जाता है। और लोग देवताओ को हमेशा पूजते है। ऐसे ही हिंदू धर्म में एक देवता है, “शनि देव” जिन्हे न्याय का देवता कहा जाता है। ज्योतिषों का मानना है कि, शनि देव लोगों के अच्छे बुरे कर्मों का फल देते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई भी जातक अच्छा कर्म करता है। तो शनि देव उन्हें अच्छा फल देते हैं। और जो जातक बुरा कर्म करते हैं। तो शनि देव उन्हें बुरा फल देता है। ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है, कि शनि दोष सारे दोषों में सबसे कठिन और कष्टदायक दोष माना जाता है।

ऐसा कहा गया है, कि किसी जातक की कुंडली में शनि दोष है। या उस जातक की कुंडली में शनि देव गलत घर में उपस्थित है। तो जातक को खुद ही पता चलने लग जाता है, कि उनके कुंडली में शनि दोष है। क्योंकि जब शनि दोष होता है। तो, जातक के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा आने लगता है। जातक द्वारा किया हुआ कोई भी कार्यों में बाधा आने लगता है। जातक का स्वास्थ्य खराब होने लगता है। क्योंकि ज्योतिष के अनुसार ऐसा माना जाता है, कि शनि देव धीमी प्रवृत्ति की देव है। इन्हें एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने में ढाई वर्ष लग जाता है।

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यही कारण होता है कि जातक की कुंडली में शनि का असर लंबे दिनों तक रहता है। अगर जातक की कुंडली में शनि खराब स्थिति में होता है। तो जातक हमेशा गहरी सोच में खोया रहता है। जातक खुद से ही बातें किया करता है। शनि की स्थिति अशुभ होने पर जातक किसी भी मांगलिक कामों में हिस्सा नहीं ले पता है। शनि के दुष्प्रभाव के कारण जातक के सिर पर हमेशा गुस्सा सवार रहता है। वहीं अगर जातक के जन्म पत्री में शनिदेव नकारात्मक और अशुभ होता है। तब जातक को भाग्य का साथ नहीं मिलता और वह पूरे जीवन भर संघर्ष करते रहता है।

शनि अच्छा होने के 10 लक्षण

शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा
  1. बाल और नाखून का मजबूत होना : अगर जातक का बाल नहीं झड़ता है, और बिना तोड़े नाखून नहीं टूटता है। तब जातक का शनि अच्छा होने का संकेत होता है।
  2. आँख का कमजोर नहीं होना : अगर जातक का आंख समय से पहले कमजोर नहीं होता है, तब जाता का शनि अच्छा होता है।
  3. हड्डी और नसें मजबूत होना : जब जातक का शनि अच्छा होता है। तब उनका हड्डी और नशे मजबूत होता है।
  4. अचानक धन की प्राप्ति होना : जब जातक का शनि अच्छा होता है। तब इन्हें अचानक से धन की प्राप्ति होता है।
  5. समाज में मान सम्मान मिलना : जब जातक को समाज में मान सम्मान मिलता है। तो शनि का अच्छा होने का संकेत होता है।
  6. व्यापार में लाभ मिलना : जब जातक का शनि अच्छा होता है। तब जातक को किसी भी व्यापार में काफी लाभ मिलता है।
  7. स्वास्थ्य का अच्छा होना : जब जातक का शनि अच्छा होता है। तब उनका स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है।
  8. खोया हुआ चीज मिलना : जब जातक का शनि अच्छा होता है। तब उनका खोया हुआ चीज जैसे – दोस्त, धन, दौलत इत्यादि चीज मिल जाता है।
  9. प्रॉपर्टी को खरीदना : प्रॉपर्टी खरीदना भी जातक के शनि अच्छा होने का संकेत होता है।
  10. बिगड़ा हुआ काम बनना : बिगड़ा हुआ काम का बनना भी जातक का शनि अच्छा होने का संकेत होता है।

शनि खराब होने के 10 लक्षण

  1. निर्दोष लोगो को सताना : जब जातक निर्दोष लोगों को सताता है। तब पता चलता है कि जातक का शनि खराब है।
  2. बेजुबान जानवरों को सताना : जिस किसी भी जातक का शनि खराब होता है। तब वो बेजुबान जानवरों को सताता है।
  3. अनुचित लाभ कमाना : जब जातक का शनि खराब होता है। तब वह बेईमानी और घोटाला करके अनुचित लाभ कमाता है।
  4. अपना चरित्र हनन कर लेना : किसी भी जातक का चरित्र ठीक नहीं होने के कारण है शनि का खराब होना।
  5. धन का कमी होना : जब जातक का शनि खराब होता है। तब उनके धन और संपत्ति में धीरे-धीरे कमी आ जाता है।
  6. वैभव और समृद्धि का खत्म हो जाना : जब जातक का शनि खराब होता है। तब जातक का वैभव और समृद्धि भी धीरे-धीरे खत्म हो जाता है।
  7. काम में रूकावटें आना : जब जातक का शनि खराब होता है। तब जातक के सभी कामों में कोई ना कोई रूकावटें आता है।
  8. कर्ज का बोझ होना : जब जातक का शनि खराब होता है। तब जातक कर्ज के बोझ तले दबा रहता है।
  9. घर में आग लगना : घर में आग लगने का कारण भी है। जातक का शनि का खराब होना।
  10. मकान का बिकना : अगर जातक का शनि खराब होता है। तो उनका मकान भी बिक जाता है।

शनि कब शुभ होता है?

शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा

जब जातक का शनि शुभ होता है। तो उनके जीवन में हर काम अच्छे से होता है। जैसे-करियर पर शुभ प्रभाव पड़ना, स्वास्थ्य पर शुभ प्रभाव पड़ना, प्रेम जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ना और वित्त पर शुभ प्रभाव पड़ना चालू हो जाता हैं।

  • करियर पर शुभ प्रभाव पड़ना : जब जातक के कुंडली में शनि शुभ होता है। तब जातक के जीवन बढ़िया तरीके से आगे बढ़ता है। यह जिंदगी को अच्छा अनुभव करता है। जिसमें जातक को सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम की जरूरत होती है। क्योंकि शनि स्थायित्व और संयम का प्रतीक होता है। जिसके लिए शुभ गोचर का फायदा उठाने के लिए जातक को बहुत ही ज्यादा मेहनती बनना पड़ता है।
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ना : जातक का स्वास्थ्य के लिए शनि की शुभ स्थिति बहुत ही अच्छा माना जाता है। क्योंकि शनि बीमारियों, दर्द और रोगों से संबंधित ग्रह माना जाता है। जब जातक के कुंडली में शनि शुभ होता है। तो उन्हें धैर्य, दृढ़ता और अस्थाई संकटों का सामना करने का हिम्मत प्रदान करता है। जिससे यह फायदा होता है कि उनको मानसिक तनाव नहीं होता है। जिससे जातक के स्वास्थ्य में अधिक उन्नती मिलता है।
  • प्रेम जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ना : शनि का शुभ होना जातक के प्रेम जीवन पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। जातक की कुंडली में शनि शुभ स्थिति में होती है। तो उनके प्रेम जीवन में काफी स्थिरता आती है। और जातक का प्रेमी उनपर आंख बंद करके विश्वास करता है। इनके बातचीत में संयम और संवेदनशीलता देखने को मिलता है, जो जातक के संबंधों को बढ़ावा देता है।
  • वित्त पर शुभ प्रभाव पड़ना : जब जातक के कुंडली में शनि शुभ होता है। तब इनको धन के लिए संघर्षों का सामना नहीं करना पड़ता है। क्योंकि धन इनको आसानी से मिलता है। इनका आर्थिक स्थिति में काफी स्थिरता और आर्थिक गतिविधियों में हमेशा सफलता मिलता है।

शनि कब अशुभ होता है?

जब जातक के कुंडली में शनि अशुभ होता है। तब इनको काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जो इस प्रकार है।

  • करियर पर अशुभ प्रभाव पड़ना : जब जातक की कुंडली में शनि अशुभ होता है। तब इनको कड़ी मेहनत करने के बाद भी इनको सफलता नहीं मिलता है। जातक किसी भी क्षेत्र में काम करता है। तो ये उस काम में धैर्य नहीं रख पाता जिसकी वजह से उनके व्यवसाय में सफलता नहीं मिलता है।
  • स्वास्थ्य पर अशुभ प्रभाव पड़ना : जातक का शनि अशुभ होता है। तब इनका स्वास्थ्य कभी अच्छा नहीं होता है, और इन्हें हमेशा बीमारियों, दर्द और रोगो से जूझना पड़ता है। ये कभी संकटों का सामना नहीं कर पाता है। जिसके वजह से ये हमेशा तनाव में रहता है।
  • प्रेम जीवन पर अशुभ प्रभाव पड़ना : शनि अशुभ होने पर जातक के प्रेम जीवन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इनके प्रेम जीवन में कभी स्थिरता नहीं होती है, और इनके प्रेमी इन पर भरोसा नहीं करता है। इनके बीच हमेशा क्लेश और झगड़ा लड़ाई होता है। जिसके वजह से इनका प्रेम जीवन ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाता है।
  • वित्त पर अशुभ प्रभाव पड़ना : जातक की कुंडली में शनि अशुभ होता है। तब इन्हें धन प्राप्ति के लिए काफी संघर्षों का सामना करना पड़ता है। इन्हें कभी भी आसानी से धन नहीं मिलता है, और इनके आर्थिक गतिविधियों में कभी भी सफलता नहीं मिलता है।

शनि किस भाव में अच्छा होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि षष्ठ भाव में अच्छा होता है। क्योंकि शनि को षष्ठ भाव का कारक माना जाता है। षष्ठ भाव में शनि को सबसे बढ़िया माना जाता है। ज्योतिषों का मानना है, कि जिस जातक के कुंडली में शनि छठे भाव में उपस्थित होता है। तो जातक को उनके दुश्मनों से कोई तरह का खतरा नहीं होता है। इन से दुश्मनी करने वाले भी काफी दुविधा में पर जाता है । जातक की कुंडली में शनि का छठे भाव में होने से इन्हें रोग और कर्ज से भी छुटकारा मिल जाता है।

यह बहुत अच्छे और बड़े आदमी बनते हैं। ये कोई भी क्षेत्र में जाता है, तो इनको वहां पर भी सफलता मिलता है। ये कोई भी काम करता है तो उन्हें सफलता हासिल होता है। यह कहीं का भी यात्रा करता है, तो इनके यात्रा के दौरान कोई भी नुकसान नहीं होता है, और इनका यात्रा शुभ होता है। और यह तब होता है। जब इस भाव पर किसी दूसरे ग्रह का शुभ दृष्टि नहीं होता है। ऐसा होने पर शनि का असर जातक पर से खत्म हो जाता है।

शनि को कैसे खुश रखते है?

शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव को सूर्य भगवान का पुत्र माना जाता है। शनि देव का नाम सुनते ही लोग भयभीत हो जाता है, और इनसे छुटकारा पाने का सोचते रहता है। इन्हें अशुभ ग्रह कहा जाता है, लेकिन शनि देव किसी भी मनुष्य द्वारा किया गया कार्य का फल देता है। अगर शनि देव को खुश करना है। तो मान्यताओं के अनुसार शनि के लिए शनिवार का दिन शुभ होता है, और यह शनिदेव को समर्पित होता है। अगर आप शनिवार के दिन प्रातः स्नान करके शनि देवता का पूजा पाठ करते हैं। तो शनि देव प्रसन्न हो जाता है।

अगर आपके जीवन में नौकरी, धन और व्यापार में समस्या आ रही है। तो आप दानवीर बने। गरीब लोगो और जरूरतमंद लोगों का मदद करें, शनि यंत्र की पूजा करें, शनि मंत्र का जाप करें क्योंकि शनि मंत्र का जाप करना अधिक प्रभावशाली माना जाता है। कुत्ते और बंदरों की सेवा करें, इन्हें खाना खिलाए। हनुमान जी का आराधना करें, क्योंकि हनुमान जी के साथ शनिदेव का एक का अटूट नाता है। शिव भगवान की पूजा करें, क्योंकि शनि देव का गुरु शिव भगवान है। ऐसा करने से शनि देव आपसे हमेशा खुश रहेंगे और आप पर अपना दृष्टि हमेशा बनाए रखेंगे।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा? के बारे में आपलोगो को जानकारी देने का प्रयास किया है। और इनसे जुड़ी सारी जानकारी जैसे – शनि अच्छा होने के 10 लक्षण,शनि खराब होने के 10 लक्षण, शनि कब शुभ होता है, शनि कब अशुभ होता है, शनि किस भाव में अच्छा होता है और शनि को कैसे खुश रखते है ये सारी जानकारी इस आर्टिकल के माध्यम से आपलोगो तक पहुंचाने का प्रयास किया है। शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है। अगर आप अपने जीवन में अच्छा काम करते है, या बुरा काम करते है।

इन सब का फल शनि देव अपने आपके कर्मों के हिसाब से देता है। अगर आपको शनि देव को प्रसन्न करना है। तो आपको दानवीर बनना पड़ेगा और गरीब और बेसहारे लोगों का मदद करना पड़ेगा। शनिवार का दिन शनि देव को अत्यंत प्यारा होता है। इस दिन आप प्रातः स्नान करके शनि देव की पूजा पाठ करते है। शनि मंत्र का जाप करते है और काले कुत्ते और बंदरों को खाना खिलाते है। तो आपसे शनि देव हमेशा प्रसन्न रहेंगे। और अपनी शुभ दृष्टि आप पर हमेशा बनाएं रखेंगे। आशा करती हूं कि, आपको ये आर्टिकल पढ़ कर अच्छा लगा होगा।

डिस्क्लेमर – इस लेख में वर्णित जानकारी और सामग्री के सटीकता के विश्वास की गारंटी हमारी या हमारी टीम की नही हैं। हमने आपको ये सारी जानकारियां विभिन्न मध्यम जैसे ज्योतिष, पंडित, पंचांग, विभिन्न धर्म ग्रंथ से इकट्ठी कर के आप तक पहुंचाई है। हमारे उद्देश्य बस सूचनाओं/जानकारियों को आपतक पहुंचाना है। इसके अलावें इसके उपयोग की जिम्मेदारी हमारी नही होगी। इसके उपयोग की जिम्मेदारी केवल उपयोग करने वाले की होगी।

FAQs:

Q. शनि बलवान है या कमजोर कैसे पता चलेगा?

जब आपके नाखून और बाल मजबूत होता है और इसके अलावा आपकी आंख कमजोर नहीं होता है। हड्डी और नसें मजबूत होता है। तो समझे की आपका शनि बलवान है। और अगर आप तनाव या कमजोर महसूस करते है। तब आपका शनि कमजोर होता है।

Q. क्या शनि भाग्य लाता है?

अगर शनि आपके कुंडली में है। तब शनि आपको बहुत अच्छे फल देता है, और आपका भाग्य उदय करता है।

Q. शनि बलवान कब होता है?

जब सूर्य के 15 अंश के साथ शनि कम रहता है। तब शनि बलवान होता है।

Q. शनि को बलवान कैसे करें?

शनि को बलवान करने के लिए आपको हनुमान जी, भगवान शंकर जी, पीपल के पेड़ और ब्रह्मा जी की पूजा करें। इससे आपका शनि बलवान होगा।

Q. शनि ग्रह से कौन सा रोग होता है?

शनि ग्रह से शारीरिक कमजोरी, पेट दर्द, टीबी, कैंसर, चर्म रोग जैसा रोग होता है।

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको बताया शनि अच्छा है या बुरा कैसे पता चलेगा ? और शनि देव से संबंधित सभी जानकारी देने का प्रयास किया है। आशा करती हूं, कि मेरा यह आर्टिकल आप सभी के लिए उपयोगी साबित हुआ होगा। ऐसे ही और अन्य सभी जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट Suchna Kendra से जुड़े रहे। और हमारे Telegram Channel अवश्य Join करें।

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