कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें? (6 आसान उपाय)

शनि देव कुंभ राशि के स्वामी है। लेकिन फिर भी ऐसे बहुत से कुंभ राशि के जातक हैं। जिनके साढ़ेसाती का समय अच्छा नहीं जा रहा है। बनता हुआ काम बिगड़ रहा है। किसी भी काम में सफलता नहीं मिल पा रही है। जीवन में कुछ भी नया नहीं हो पा रहा है। चारों तरफ परेशानी ही परेशानी है। तो वो यह जानना चाहते हैं। कि, कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें? जिसे शनि महाराज की कुंभ राशि वालों पर कृपा दृष्टि बनी रहे।

तो इस दृष्टिकोण से कुंभ राशि वालों के लिए आज का ये आर्टिकल बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है। क्योंकि हम अपने इस आर्टिकल में कुंभ राशि वालों को ये बताएंगे। कि कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें। जिससे कुंभ राशि वालों पर शनि देव की कृपा हो। साथ ही हम कुंभ राशि वालों के लिए शनि देव से जुड़ी और भी बहुत सारी बातें आपको बताएंगे। जिससे आपके जीवन में बहुत कुछ अच्छा हो सकता है। उम्मीद करते हैं कि हमारा यह आर्टिकल आप सभी लोगों के लिए मददगार साबित होगा।

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जानें कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें? (6 आसान उपाय)

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मो का फलदाता कहा जाता है। साथ ही उन्हें न्यायकर्ता भी कहां जाता है। क्योंकि शनिदेव सभी व्यक्ति के कर्मो का हिसाब रखते है। और उचित समय आने पर उसे उसके कर्मो के हिसाब से फल देते है। जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है। उसे वैसा ही फल शनि देव से प्राप्त होता है। अर्थात जो जातक अच्छा कर्म करता है। उसे सभी प्रकार के सुख– शांति की प्राप्ति होती है। वही अगर जो जातक बुरे कर्म करते है। उन्हे शनि देव के प्रकोप से ढेर सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पंचांग के माने तो वर्तमान में कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र की माने तो आने वाले समय 29 मार्च 2025 को मकर राशि के सभी जातक शनि की साढ़े साती के प्रकोप से मुक्त हो जाएंगे। और कुंभ राशि के जातकों को 3 जून 2027 में साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी। शनि देव कुंभ राशि के स्वामी है। और कुंभ राशि के आराध्या स्वयं महादेव है। कुंभ राशि वालों को शनि देव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त रहता है। परंतु अगर फिर भी कुंभ राशि वालों का साढ़े साती का समय अच्छा नहीं जा रहा। और वो अपने स्वामी शनि देव को प्रसन्न करना चाह रहे हैं

तो ये उपाय करें।

  1. कुंभ राशि वाले शनि देव को प्रसन्न करने के लिए अपने समर्थ के अनुसार हर शनिवार को काला तिल, काला कपड़ा, नीला कपड़ा, कंबल, लोहे के बर्तन, उड़द की दाल इनमे से किसी भी चीज का अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें। इससे शनि देव प्रश्न होंगे और आपको उनकी कृपा मिलेगी।
  2. कासे के बर्तन में सरसो का तेल डालकर और उसमे लोहे का सिक्का या लोहे का कुछ भी डालकर उसमे स्वयं की परछाई को देखकर आप उसे किसी को दान कर दे। ऐसा करने से कुंभ राशि वालों को शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। और ग्रह दोष मिटता है।
  3. कुंभ राशि वालों को शनि देव को प्रसन्न करने के लिए हर शनिवार ब्रह्म मुहूर्त में शनि देव के मंदिर जाना चाहिए। और उनकी पूजा करनी चाहिए। और साथ ही प्रत्येक शनिवार को शाम के समय शनि देव के मंदिर में और पीपल के पेड़ के नीच सरसो के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
  4. भगवान शिव और हनुमान जी शनि देव के आराध्य हैं। ऐसे में कुंभ राशि के जातक अगर शनि देव को प्रसन्न करना चाहते है। तो उन्हे नियमित रुप स्नान–ध्यान कर के पूरे विधिवत तरीके से महादेव और हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। विशेष रूप से कुंभ राशि वालों को महादेव की पूजा जरूर से करनी चाहिए।
  5. शनि देव को प्रसन्न करने के लिए रोजाना शनि देव के बीज मंत्र – ऊं प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का कम से कम 51 या 21 बार जाप करे। इससे शनि देव प्रसन्न होते है।
  6. शनि देव को प्रसन्न करने के लिए सभी को नास्तिक भोजन अर्थात मांस मदिरा का सेवन नही करना चाहिए। जो भी मांस मदिरा का सेवन करता है। उससे शनि देव सदेव अप्रश्न रहते है।

कुंभ राशि पर शनि के साढ़े साती का प्रभाव

कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें

शनि को ग्रहों का न्यायधीस कहा गया है। शनि सबसे धीमी गति वाला ग्रह है। एक राशि से दूसरी राशि में जाने में शनि को तकरीबन 2.5 (ढाई) वर्ष का समय लगता है। एक राशिचक्र को पूरा करने के शनि को तकरीबन 30 वर्ष लग जाते है। तब जाकर वो एक राशि चक्र पूरा करता है। ज्योतिष पंचांग के अनुसार वर्तमान समय में शनि कुंभ राशि में गोचर कर रहा है। जिससे कुछ राशियों पर शनि के साढ़े साती का प्रभाव है। यही नहीं बल्कि कुंभ राशि के जातक भी शनि की साढ़े साती से पीड़ित है।

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वर्तमान समय में कुंभ राशि पर साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। 17 जनवरी 2023 को शनि ने कुंभ राशि में प्रवेश किया था। शनि का ये दूसरा चरण काफी कष्टकारी प्रतित हो रहा है। ऐसा कहा जा रहा है। इस स्थिति मे लोगो को शारिरिक, मानसिक, आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कुंभ राशि वालों को शनि के साढ़े साती से मुक्ति कब मिलेगी?

शनि के कुंभ राशि में गोचर करने से। मीन राशि वालो को साढ़े साती के पहला चरण और कुंभ राशि वालों को साढ़े साती का दूसरा चरण और मकर राशि वालों को साढ़े साती का तीसरा व अंतिम चरण का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इन सब के अतिरिक्त कर्क और वृश्चिक राशि वालो पर शनि के ढैय्या का प्रभाव है।

अगर बात करें कुंभ राशि वालों कि तो कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती की दशा 24 जनवरी 2022 से आरंभ हुई थी। और कुंभ राशि वालो को शनि के साढ़े साती से मुक्ति 3 जून 2027 को मिलेगी। परंतु अगर पूर्ण रुप से मुक्ति की बात करें तो ये मुक्ति कुंभ राशि वालों को 23 फरवरी 2028 को ही मिलेगी।

कुंभ राशि वाले साढ़े साती के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें ये 10 उपाय

कुंभ राशि वालों के स्वामी शनि देव है। परंतु वर्तमान समय में शनि देव कुंभ राशि वालों पर शनि देव की साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। इसलिए कुंभ राशि वाले इस बात को लेकर चिंतित रहते है कि, कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें? तो मै आपको बता दू कि, शनि देव को ज्यातिष शास्त्र में न्याय का देवता कहा जाता हैं। जो व्यक्ति को उसके कर्म के हिसाब से फल देते है।

कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें

परंतु आपको शनि देव से डरने की जरूरत नही है। अगर हम मेहनत और सावधानी रखे तो हमे शनि देव का आशिर्वाद जरूर प्राप्त होता है। और सफलता हमारी कदम चूमती है। शनि देव अगर देने पर आए तो रंक को भी राजा बना देते है। और अगर लेने पर आए तो राजा को भी रंक बना देते हैं। इसलिए कुंभ राशि वालों को शनि के साढ़े साती के समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  1. शनिवार के दिन कुछ चीजों का दान करें जैसे काला तिल, काला कपड़ा, कंबल, काला चप्पल इत्यादि।
  2. नियमित रूप से हर शनिवार को आपको प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान ध्यान कर कर शनिदेव के मंदिर जाकर शनिदेव की पूजा अर्चना कर और उन्हें काला तिल, सरसो का तेल अर्पित करना चाहिए।
  3. प्रत्येक शनिवार को किसी शांत जगह या किसी मंदिर के प्रांगण में स्थित पीपल के पेड़ के पास सरसो के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
  4. शनिवार के दिन आपको अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। उन्हे भोजन कराना चाहिएं।
  5. कुंभ राशि वालों को शनि के साढ़े साती की दशा से मुक्त होने के लिए शनिवार के दिन तांबे के लोटे में काला तिल डालकर महादेव की शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। और महादेव की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए।
  6. एक कटोरा में सरसों का तेल लेकर उसमें अपनी परछाई देखकर किसी जरूरतमंद को दान में दे दे। इससे कुंभ राशि वालों को शनि देव का आशीर्वाद मिलता है।
  7. शनि देव की पूजा करते समय शनि देव को आप नीले रंग का फूल जरुर चढ़ाएं। क्योंकि नीला रंग शनिदेव को बहुत प्रिय है। और हो सके तो नीले कपड़े का दान भी करें।
  8. साढ़े साती के अशुभ प्रकोप से बचने के लिए कुंभ राशि वालों को श्री राम भक्त हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।
  9. बाहर जाते समय अपने साथ नीले रंग का एक रूमाल हमेशा साथ रखना चाहिए।
  10. शनिदेव का जो मंत्र है ॐ शं शनिचराया नमः का रुद्राक्ष माला से कम से कम 51 बार 21 बार जरूर जाप करना चाहिए। इससे शनि देव प्रसन्न होते है।

कुंभ राशि वालें रखे ये 7 सावधानी

कुंभ राशि वाले अगर शनि देव के साढ़े साती के अशुभ प्रभाव से बचना चाहते है। तो ये सावधानी रखनी बहुत जरूरी है।

  1. कुंभ राशि वालों को शनिवार के दिन विशेष कर किसी भी व्यक्ति या किसी भी नारी का अपमान नहीं करना चाहिए। चाहे वो आपके घर का सदस्य हो चाहे वो आपकी पत्नी हो आपकी बहन हो या आपकी बेटी हो।
  2. यदि आप मांस मदिरा का या किसी नशीली चीज का सेवन करते हैं। तो आपको इन सभी चीजों से सेवन करना बंद करना होगा। वरना आप पर शनि के साढ़े साती का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है।
  3. साढ़े साती के समय कुंभ राशि वालों के लिए पश्चिम और दक्षिण की दिशा की यात्रा शुभ रहती है। और पूर्व और उत्तर की दिशा की यात्रा अशुभ रहती है। इसलिए कुंभ राशि वालों को साढ़े साती के समय पूर्व और उत्तर दिशा से परहेज रखना चाहिए।
  4. कुम्भ राशि वाले इन बातों का ध्यान अवश्य रखें की शनिवार के दिन अगर कोई भी आपको काला तिल, काला कपड़ा, तेल, कंबल, चप्पल इत्यादि चीज देता है। तो आपको नही लेना है। इससे नकारात्मक असर पड़ता है।
  5. कुंभ राशि वालों को इस बात का ध्यान रखना है। कि विशेष रूप से शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल नही चढ़ाना है। इससे गलत प्रभाव पड़ता है। अगर आप चाहे तो तिल, गुड़ चढ़ा सकते है। या सरसो के तेल का दीपक जला सकते है।
  6. शनिवार के दिन किसी भी जरूरतमंद को अपने द्वार से खाली हाथ नहीं भेजना चाहिए। अगर न कुछ भी हो तो उन्हे कम से भोजन करा दें।
  7. शनिवार के दिन भूल कर भी बाल और दाढ़ी न बनाए और न ही नाखून काटे। ऐसा करने से शनि देव नाराज हो जाते है। और हमे उनके प्रकोप को सहना पड़ सकता है।

शनि देव कुंभ राशि के स्वामी है। परंतु कुंभ राशि में भी ऐसे बहुत से जातक है। जो ऐसे कार्यों को कर लेते है। जिसको करने से मनाही है। इसलिए उन्हे साढ़े साती के अशुभ प्रभाव को सहना पड़ सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साढ़े साती का किसी व्यक्ति के जीवन पर जब अशुभ प्रभाव पड़ता है। तो व्यक्ति को आर्थिक रूप से मानसिक रूप से शारीरिक रूप से बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान समय में देखे तो मकर राशि कुंभ राशि और मीन राशि वाले जातकों को शनि की साढ़ेसाती का सामना करना पड़ रहा है।

कुंभ राशि वाले शनि देव की पूजा कैसे करें?

कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें

वर्तमान मे शनि कुंभ राशि में गोचर कर रहा है। जिससे कुंभ राशि वाले शनि के साढ़े साती के अशुभ प्रकोप से बचने के लिए बहुत से उपाय कर रहे हैं। इसलिए उनके मन में ये प्रशन रहता है। कि कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें या फिर कुंभ राशि वाले शनि देव की पूजा कैसे करें? जिससे उन पर शनि के साढ़े साती का अशुभ प्रभाव न पड़े। तो आईए जानते हैं। किस प्रकार कुंभ राशि वाले शनि देव की पूजा कर उन्हे प्रसन्न कर सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र की माने तो कुंभ राशि शनि देव का सबसे प्रिय राशि है। इस राशि वालों को शनि देव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त रहता है। परंतु फिर भी अगर कुंभ राशि वाले शनि के साढ़े साती के अशुभ प्रभाव से बचना चाहते हैं। तो उन्हें शनि देव की पूजा के साथ-साथ महादेव की भी पूजा करनी चाहिए।

  1. ब्रह्म मुहूर्त में ही स्नान कर लेना चाहिए। और स्नान करके अपने घर के मंदिर में दीपक प्रज्वलित करना चाहिए।
  2. शनि देव को हर शनिवार के दिन सरसों का तेल अर्पित करें और शनि देव की पूजा करते समय उन्हें नीले रंग का अवश्य ही अर्पित करें।
  3. शनिवार के दिन शनि देव को तिल और गुड आवास या ही अर्पित करें।
  4. शनि देव की चालीसा पढ़े और शनि देव की आरती करें साथ ही शनि देव के मंत्र ॐ शं शनिचराय नमः का कम से कम 25 बार जाप अवश्य ही करें।
  5. इस बात का ध्यान अवश्य ही रखें कि, शनि देव की पूजा हमेशा ब्रह्म मुहूर्त अर्थात सूर्योदय से पहले ही करना चाहिए। तभी हमारे द्वारा की गई पूजा सफल होती है। और हमें शनिदेव का आशीर्वाद मिलता है।

शनि देव की पूजा के दौरान हमें कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए?

पूजा करना जितना सरल लगता है, दिखता है। असल में इतना सरल है नहीं। क्योंकि पूजा करते समय हमें बहुत सारी नियमों का पालन करना पड़ता है। सावधानी रखनी होती है। और अगर हम इन नियमों का उल्लंघन कर देते हैं। तो इसका बहुत गलत प्रभाव भी हम पर पड़ सकता है। और जिस किसी की भी राशि कुंभ है। उन्हें पूजा करते समय इन विशेष बातों का ध्यान अवश्य रूप से रखना चाहिए।

शनि देव की पूजा के समय उनकी आंखों में भूल से भी न देखें।

ज्योतिष शास्त्र में हमें बताया जाता है कि, शनि देव की जब हम पूजा करते हैं। तो हमें उनकी आंखों में नहीं देखना चाहिए। पूजा करते समय हमें सदैव अपनी आंखों को नीचे रखना चाहिए। क्योंकि अगर हम पूजा करते समय शनि देव की आंखों में देखते है। तो हमें शनिदेव के बुरी नजर का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए शनि देव की पूजा करते समय हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए। कि हमें कभी भी उनके आंखों में नहीं देखना चाहिए।

शनि देव की पूजा करते समय उनके समक्ष खड़े न रहे।

जब हम शनि देव की पूजा करते हैं। तो हम इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि, पूजा करते समय हमें शनि देव की प्रतिमा के समक्ष खड़ा नहीं रहना चाहिए। इससे हमें नकारात्मक फल मिलता है।

क्या हनुमान जी की पूजा करने से शनि दोष मिटता है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार हमें शनि देव की पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए। हमें प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी के समक्ष घी का दीपक जलाकर सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति का शनि दोष मिटता है। और हनुमान जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शनिवार के दिन नीले कपड़े का दान करने से क्या होता है?

कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें

सभी व्यक्ति को शनिवार के दिन नीले कपड़े काला तेल काला कपड़ा काला कंबल दोहे का बर्तन या सिक्का उड़द की दाल जूते चप्पल सरसों का तेल इनमें से किसी भी चीज का दान अवश्य करना चाहिए। इससे हमारा शनि दोष मिटता है। जिससे हमें रोग, कष्ट, दुख, तकलीफ, पीड़ा सभी चीजों से मुक्ति मिलती है।

निष्कर्ष

हमनें आपको अपने आर्टिकल जिसका विषय था। कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें? जिसमे हमने आपको शनि देव को प्रसन्न करने के साथ साथ साढ़े साती के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय के साथ साथ स्वधानियां भी बताई है। जिसके तहत हमने आपको ये बताया है कि अगर हम अच्छे कर्म करते है। लोगो की सहायता करते है।

और नास्तिक चीजों का त्याग करते है। तो हम पर कभी भी साढ़े साती का अशुभ प्रभाव नही पड़ेगा। और साथ ही अगर हम शनि देव की पूजा करें और काले तिल या काले वस्तु का दान करे। तो शनि देव की हम पर सदेव प्रसन्न रहते हैं। तो उम्मीद करते हैं हमारा ये आर्टिकल आप सभी लोगों के लिए उपयोगी साबित हुआ होगा। धन्यवाद।

डिस्क्लेमर – इस लेख में वर्णित जानकारी और सामग्री के सटीकता के विश्वास की गारंटी हमारी या हमारी टीम की नही हैं। हमने आपको ये सारी जानकारियां विभिन्न मध्यम जैसे ज्योतिष, पंडित, पंचांग, विभिन्न धर्म ग्रंथ से इकट्ठी कर के आप तक पहुंचाई है। हमारे उद्देश्य बस सूचनाओं/जानकारियों को आपतक पहुंचाना है। इसके अलावें इसके उपयोग की जिम्मेदारी हमारी नही होगी। इसके उपयोग की जिम्मेदारी केवल उपयोग करने वाले की होगी।

FAQs:

Q. कुंभ राशि वालों को कौन से भगवान की पूजा करनी चाहिए?

कुंभ राशि वालों को भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।

Q. कुंभ राशि वाले का किस्मत कब चमकेगी?

3 जून 2027 में कुंभ राशि के जातक को साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी। जिसके बाद उनकी किस्मत चमकने की संभावना है।

Q. कुंभ राशि का अच्छा समय कब आने वाला है?

कुंभ राशि वालों का अच्छा समय अप्रेल 2024 के बाद आने वाला है।

Q. कुंभ राशि की परेशानी कब खत्म होगी?

वर्तमान में कुंभ राशि पर साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। जिससे कई लोगो को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। परन्तु 3 जून 2027 से साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी। जिससे इनकी सभी परेशानियां खत्म हो जाएगी।

Q. कुंभ राशि वालों के लिए शुभ दिन कौन सा है?

कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव है। इसलिए कुंभ राशि वालों के लिए शनिवार का दिन बहुत शुभ होता है।

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको बताया कुंभ राशि वाले शनि देव को कैसे प्रसन्न करें? और इसके उपाय से संबंधित सभी जानकारी देने का प्रयास किया है। आशा करती हूं, कि मेरा यह आर्टिकल आप सभी के लिए उपयोगी साबित हुआ होगा। ऐसे ही और अन्य सभी जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट Suchna Kendra से जुड़े रहे। और हमारे Telegram Channel अवश्य Join करें।

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